सच्चाई का जुनून
जिस इंटरनेट का इस्तेमाल आप-हम अक्सर मैसेज लेने-देने और हल्की-फुल्की सामग्री पढ़ने-देखने के लिए करते हैं उसे कुछ लोगों ने अपनी अभिव्यक्ति का हथियार भी बनाया। ऎसा हथियार कि कई देशों की सरकारें उनके नाम से कांपने लगी। उनमें से एक हैं मशहूर वेबसाइट विकिलिक्स के संपादक जुलियन असंाजे। असंाजे के अलावा कई और लोग भी हैं, जिन्होंने कई देशों की सरकारों की नींदें उड़ा रखी है। उन पर सच्चाई परोसने का जुनून सवार है।
तीन जुलाई 1971 को जन्मे जुलियन असांजे को आप सच और इंसाफ का सिपाही मान सकते हैं। भले ही ज्यादातर लोग यह महसूस करते हैं कि उन्होंने बेवजह इतना बड़ा जोखिम ले लिया लेकिन जरा याद कीजिए विश्व इतिहास में आज तक किसी ने इतने बड़े स्तर पर 'खोजी पत्रकारिता' की है? उनके द्वारा विकीलीक्स वेबसाइट पर डाले गए अनगिनत दस्तावेजों का विश्लेषण होने में ही अभी लंबा अरसा लगना है। रोज उनमें से किसी न किसी पेज को लेकर खबरें छपती हैं और दुनिया को आpर्य में डालकर अगली खबरों के लिए रास्ता बना जाती हैं।
जुलियन विकीलीक्स के प्रधान संपादक हैं। ताजा राजनयिक केबलों की लीक से पहले विकीलीक्स ने जुलाई में पेंटागन के नब्बे हजार दस्तावेज जारी किए थे, जिनसे इराक और अफगानिस्तान युद्ध के बारे में रहस्यों का 'एकमुश्त पर्दाफाश' हुआ था। इससे पहले वे केन्या, चीन, थाईलैंड और बहुत से दूसरे देशों में भ्रष्टाचार, शोषण, मानवाधिकार उल्लंघन और इसी तरह के दूसरे गलत कामों की पोल खोल चुके हैं।
ऎसा नहीं कि जुलियन को किसी ने नहीं समझा। दुनिया भर का मीडिया उनकी तरफ से लीक किए गए दस्तावेजों को सुर्खियां बना रहा है, उनके हक में प्रकाशन और प्रसारण कर रहा है। सन 2008 में उन्हें 'इकॉनामिक्स फ्रीडम ऑफ एक्सओशन अवार्ड, 2009 में एमनेस्टी इंटरनेशनल मीडिया अवार्ड और 2010 का सैम एडम्स अवार्ड मिल चुका है। 'द इकॉनामिस्ट' ने विश्व के सर्वाधिक प्रभावशाली 50 लोगों में रख चुका है। अब वे 'टाइम' पत्रिका के 'परसन ऑफ द इयर 2010' बनने की दौड़ में सबसे आगे हैं। अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन उन्हें 'दुनिया का सबसे खतरनाक इंसान' मानती हैं।
'क्रिप्टोम.आर्ग' के संस्थापक जॉन यंग भी कुछ-कुछ जुलियन जैसे जुनूनी इंसान हैं। वे पेशे से वास्तुकार हैं और न्यूयॉर्क में रहते हैं। यंग इंटरनेट पर सरकारी और बड़े संस्थानों के कुकृत्यों का पर्दाफाश करने वाली परंपरा के शुरूआती ध्वजवाहकों में से एक हैं। जिन्होंने यह काम असांजे की विकीलीक्स '2006' से दस साल पहले ही, 1996 में शुरू कर दिया था। देखते ही देखते उन्होंने क्रिप्टोम को गोपनीय और आपत्तिजनक सरकारी सूचनाओं, ज्ञापनों, रिकॉर्डो और नीतिगत दस्तावेजों के भंडार में तब्दील कर दिया।
वे अपनी वेबसाइट पर हर उस सामग्री का स्वागत करते हैं, जिसका प्रकाशन और प्रसारण दुनिया भर में सरकारों ने वर्जित कर रखा है। साइट पर लिखा है- खास तौर पर अगर आपके पास अभिव्यक्ति की आजादी के दमन, निजता, राष्ट्रीय सुरक्षा, खुफिया सूचनाओं, गोपनीय सरकारी कार्रवाइयों आदि के बारे में कोई जानकारी है तो उसे जरूर हमें भेजिए। जॉन यंग जुलियन की तरह पत्रकार नहीं हैं। हालांकि उन्होंने 2002 में न्यूयॉर्क में अपनी वेबसाइट को मीडिया का दर्जा दिए जाने के लिए आवेदन किया था, जिसे पुलिस ने ठुकरा दिया था। लेकिन इससे उनका काम प्रभावित नहीं हुआ। काम तो उनका अमरीकी खुफिया एजेंसी एफबीआई द्वारा बार-बार दफ्तरों पर छापे मारे जाने से भी नहीं रूका। यंग कुछ समय तक विकीलीक्स से भी जुड़े थे।
क्रिप्टोम खुद भी अमरीकी सरकार को परेशानी में डालने वाले हजारों दस्तावेज जारी किए हैं जिनमें इराक में मारे गए अमरीकी सैनिकों के फोटोग्राफ्स, ब्रिटिश गुप्तचर संस्था एमआई 6 के एजेंटों की सूची, अमरीकी सरकार के अहम ठिकानों के विस्तृत नक्शे और इराक युद्ध में हताहत हुए चार हजार लोगों का ब्योरा प्रमुख है। जिस तरह की मुहिम आज विकीलीक्स को बंद करने के लिए चल रही है, वैसी ही क्रिप्टोम के लिए सन 2007 में चल चुकी है। वेरियो नामक कंपनी ने उसकी होस्टिंग रद्द कर दी थी, जिसके बाद उसे दूसरे सर्वर पर जाना पड़ा। फरवरी 2010 में उसने माइक्रोसॉफ्ट का एक गोपनीय दस्तावेज उजागर कर दिया था, जिसमें वैध तरीक¨ं से जासूसी की गतिविधियों का विवरण था। 'माइक्रोसॉफ्ट लीगल स्पाइंग मैनुअल' नामक इस दस्तावेज के सामने आने के बाद माइक्रोसॉफ्ट ने उसके विरूद्ध जासूसी के आरोप में मुकदमा ठोक दिया। हालांकि तीन दिन बाद ही माइक्रोसॉफ्ट ने अपने आरोप वापस ले लिए।
रूस के एक युवा राजनैतिक कार्यकर्ता और वकील एलेक्सी नेवेलनी अपने देश में उसी तरह चर्चा में हैं जैसे दुनिया भर में विकीलीक्स के जुलियन असांजे। सन 1976 में जन्मे नेवेलनी कई साल से लाइवजर्नल नामक ब्लॉग साइट और फोब्र्स पत्रिका की वेबसाइट पर रूस में फैले भ्रष्टाचार और काले कानूनों पर विस्फोटक लेख तथा सूचनाएं देते रहे हैं। लेकिन हाल ही में उन्होंने कुछ रूसी तेल कंपनियों में जबरदस्त भ्रष्टाचार की पोल खोलकर खासी लोकप्रियता हासिल कर ली है। उनकी अपनी वेबसाइट भी है,
जिसने रूस की सबसे बड़ी प्राकृतिक गैस कंपनी गैजजोम, एक अन्य प्रमुख रूसी तेल कंपनी रोजनेफ्ट और 'वीटीपी' नामक एक बैंक सहित कई संस्थानों में सर्वोच्च स्तर पर हुए धन के लेन-देन का ब्योरा प्रकाशित किया है। उसने एक रूसी पाइपलाइन कंपनी ट्रांसनेफ्ट के अंदरूनी दस्तावेजों के आधार पर रहस्योद्घाटन किया है। रूस में एलेक्सी नेवेलनी की लोकप्रियता का आलम यह है कि वेदोमोस्ती नामक प्रकाशन ने उन्हें 'परसन ऑफ द इयर 2009' घोषित किया है और येल विश्वविद्यालय ने फेलोशिप दी है। इतना ही नहीं, एक इंटरनेट मतदान में उन्हें भारी बहुमत से मॉस्को का का मेयर चुन लिया गया। इस वर्चुअल मतदान में उन्हें पूरे 45 फीसदी वोट मिले। यह दिखाता है कि भले ही सरकारों को इस तरह की विध्वंसक गतिविधियां रास न आएं, उन्हें आम लोगो का समर्थन जरूर मिलता है।
एलेक्सी नेवेलनी-पर्दाफाशों की सरगना
डेबोरा नेटि्सयोस नामक युवती भी यंग की तरह वास्तुकार हैं और क्रिप्टोम वेबसाइट की सह संस्थापक भी। दोनों न्यूयॉर्क में नैटि्सयोस यंग आर्कटेक्ट्स नामक कंपनी चलाते हैं। चौदह साल पहले जब यंग को इंटरनेटीय रहस्योद्घाटनों पर आधारित वेबसाइट होस्ट करने का विचार आया तो डेबोरा ने उनकी स्वाभाविक सहयोगी थीं। दोनों ने तमाम परेशानियों के बीच उसे शुरू कर दिया और आज तक चला रहे हैं।
क्रिप्टोम की एक सहयोगी वेबसाइट कारटोम. ऑर्ग के संचालन का जिम्मा उन्हीं पर है, जिसमें मूल वेबसाइट पर डाले गए संवेदनशील दस्तावेजो के बारे में अतिरिक्त जानकारी दी जाती है। उनकी एक अन्य वेबसाइट क्रिप्टोम सीएन चीन सरकार द्वारा किए जाने वाले उल्लघनों के पर्दाफाश पर केंद्रित है। वास्तुकला के पेशे के लिए चलाई जा रही उनकी वेबसाइट को भी हैकरों ने बहुत नुकसान पहुंचाया है और इसीलिए आज वह बंद पड़ी है।
डेबोरा नेटि्सयोस
डेनियल डोमशीट-बर्ग के संपादक हैं डेनियल डोमशीट-बर्ग। इस वेबसाइट के जरिए वे सरकार की पोल खोलने में लगे हुए हैं। बत्तीस साल के डेनियल विकीलीक्स से नाता तोड़ने से पहले जुलियन के बाद दूसरे सर्वाधिक मशहूर विकीलीकर थे।
अलेक्जेंडर एमेरिक जोंस
अमरीका में जन्मे एलेक्स जोंस नागरिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों और विश्व सरकारों पर केंद्रित कई वेबसाइटें चलाते हैं। लोग उन्हें 'दक्षिणपंथी, कट्टरपंथी और षड़यंत्रों के सिद्धांतकार' कहकर बुलाते हैं लेकिन एलेक्स खुद को 'उग्र संवैधानिक कार्यकर्ता' मानते हैं।
एलेक्सी दाइम¨व्स्की
रूस के पूर्व पुलिस अधिकारी एलेक्सी दाइमोव्स्की को वीडियो ब्लॉग्स के माध्यम से पुलिस अधिकारियों के भ्रष्टाचार की पोल खोलने के लिए जाना जाता है। वे निडर होकर काम करने और बेबाकी के लिए पूरी दुनिया में खासे मशहूर हैं।
20 Rules in any office
1. Rule 1. - The Boss is always right.
2. Rule 2. - If the Boss is wrong, see rule 1.
3. Those who work get more work. Others get pay, perks, and promotions.
4. Ph.D. stands for "Pull Him Down". The more intelligent a person, the more hardworking a person, the more committed a person; the more number of persons are engaged in pulling that person down.
5. If you are good, you will get all the work. If you are really good, you will get out of it.
6.. When the Bosses talk about improving productivity, they are never talking about themselves.
7. It doesn't matter what you do, it only matters what you say you've done and what you are going to do.
8. A pat on the back is only a few centimeters from a kick in the butt.
9. Don't be irreplaceable. If you can't be replaced, you can't be promoted.
10. The more crap you put up with, the more crap you are going to get.
11. If at first you don't succeed, try again. Then quit. No use being a damn fool about it...
12. When you don't know what to do, walk fast and look worried.
13.. Following the rules will not get the job done.
14. If it weren't for the last minute, nothing would get done.
15. Everything can be filed under "Miscellaneous" .
16. No matter how much you do, you never do enough.
17. You can do any amount of work provided it isn't the work you are supposed to be doing.
18. In order to get a promotion, you need not necessarily know your job.
19. In order to get a promotion, you only need to pretend that you know your job.
20. The last person that quit or was fired will be held responsible for everything that goes wrong.